मन में उठती विचारों की लहरों को शब्दों में ढालने की कोशिश है ये, हमारी आपकी बातें हैं और पाठकों के दिलों को छू लेने का प्रयास भी है।

शत शत नमन सैनिकों तुम्हें

शत शत नमन सैनिकों तुम्हें

चौबिसों घंटे सजग रहकर
चौकसी करते हो तुम
देश के सरहदों की,
जान हथेली पर लेकर 
चलते हो तुम
मातृभूमि की खातिर
हँसते हँसते शहीद हो जाते हो तुम
देश की सुरक्षा के लिए
धन्य हो तुम 
और तुम्हारा शौर्य
तुम्हारा बलिदान,
प्रेरणास्रोत हो तुम
नौनिहालों के लिए
शत शत नमन
जांबाज सैनिकों तुम्हें
हमारे दिलों में बसते हो तुम
आज भी 
साहसी कर्मवीर बनकर।
सविता शुक्ला

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