विश्व गौरैया दिवस के उपलक्ष्य में 20मार्च
नन्ही प्यारी गौरेया
जब तुम मेरे घर आती हो
अपनी मीठी मीठी आवाज से
मुझे मंत्रमुग्ध कर जाती हो
थोड़ा सा पानी पीती हो
मेरी छोटीसी बगिया की
फूलों पत्तों को
चट कर जाती हो
पौधों पर, गमलों पर
तुम इतराती, फुदकती हो
मेरा मन
पुलकित कर जाती हो
तुम रोज मेरे घर आना
बगिया में डाली पर बैठ
मधुर संगीत सुनाना।
सविता शुक्ला
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