मन में उठती विचारों की लहरों को शब्दों में ढालने की कोशिश है ये, हमारी आपकी बातें हैं और पाठकों के दिलों को छू लेने का प्रयास भी है।

जादुई पेंसिल

पाकर जादुई पेंसिल मैं लगी इतराने

कभी इधर देखती कभी उधर देखती

देखने लगी सुंदर सपने

किस्मत के कोरे पन्नों पर 

इत्मीनान से बैठकर लिखने लगी 

मैं अपने सपनों की बातें

सफलता के आसमान को छूने की गाथाएं

जादुई पेंसिल ने कमाल कर दिया

उन कोरे पन्नों पर लिख दिया -

"मेहनत से ही सपने साकार होते हैं

 हारकर मत बैठो

रोज नये हौसलों के साथ मेहनत करते रहो

देर से ही सही

सपने अवश्य सच होगें

सफलता तुम्हारे कदम चूमेगें"

जादुई पेंसिल की बातें दिल को छू गई

बुझे हुए मन में आशा की बाती जल गई.

-सविता शुक्ला

26-5-2025

No comments:

Post a Comment